Sad Shayari uska chehra

Sad Shayari uska chehra

Sad Shayari uska chehra

 

Sad Shayari- उसका चेहरा

 

Sad Shayari uska chehra
Sad Shayari uska chehra

 

uska chehra

हर रोज सुबहे उठके उसका चेहरा नजर आता था
उसके सिवा इन आँखों को कोई और नही भाता था
उसका प्यार तो मिला बहुत पर वो मिल न पाया
फिर उसके चेहरे के अलावा कोई और चेहरा हमे नही भाया

वो तो न मिला हमे जिन्दगी में कोई और आया
आदत तो पड़ चुकी थी उसकी किसी और का प्यार हमे नही भाया
अब रोज उठकर अक्सर अपनी हथेली को देख लेते है
जो लकीर ही ना बनी थी हाथो में उसके प्यार की उस लकीर को देख लेते है

अब हर रोज एसे ही दिन की सुरवात होती है
जिस चेहरे की पड गयी आदत इन आँखों को अब वो नही होती है
दूर चले जाते है वो लोग जो दिल में एक छाप छोड़ जाते है
दिला के आदत अपने प्यार की हमे अकेला छोड़ जाते है