hindi shayari kudrat ka kahar corona 3-2020

hindi shayari kudrat ka kahar corona 3-2020

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hindi shayari-कुदरत का कहर

hindi shayari kudrat ka kahar corona 3-2020
hindi shayari kudrat ka kahar corona 3-2020

kudrat ka kahar

ये वायरस नही कुदरत का कहर बनकर हमे सता रहा है
देकर ये संकेत हमे ये बता रहा है
के कुछ नही है तू सामने मेरे चाहे कितना भी आगे बड जा
समझ ले इंसानियत को वक्त रहते तू संभल जा

मत कर छेड़खानी कुदरत से वरना पछतायेगा
कोरोना जैसा और भी वायरस तुझे सबक सिखाएगा
तू कुछ नही है सामने मेरे एक तिनके के सिवा
मेरे एक फुख से तेरा अस्तित्व ही मिट जायेगा

तब तेरा न कोई आविस्कर न कोई हतियार काम आयेगा
मेरे छोटे से वायरस से तू तिलमिला जायेगा
न लड़ जाती धर्म के नाम पे यूँ दुनियां में न पाप को बड़ा
जो समझे सिर्फ मेरा ही धर्म रहे दुनिया में सबसे आगे वो सोच ले पहले में हु आगे खड़ा

दुनियां चलाने के लिए हर चीज मैंने बनाई है
हर व्यक्ति को बाटा है अपना काम एसे श्रीसटी रचाई है
एसा ही रहा तो वक्त से पहले प्रलय आएगा
सबसे सुंदर बनी इस दुनियां का अस्तित्व ही मिट जायेगा