Sad Shayari hum kya bataye

Sad Shayari hum kya bataye

Sad Shayari hum kya bataye

 

Sad Shayar-हम क्या बताये

Sad Shayari hum kya bataye
Sad Shayari hum kya bataye

 

hum kya bataye

न जाने कितने शाल पुराने उसके खत उसकी सारी फोटो जला डाले हमने
पर न जाने क्यों उसे इस दिल से हम निकल न पाये
न जाने क्यों अक्सर अकेले में उसकी याद अब भी हमे सताये
अब किस से कहे अपने दिल की बात किसे हम क्या बताये

अक्सर उसे याद करके दिल तो रोता है पर हम रो नही पाते
घुटन होती है इतनी ये आंसू भी कमबख्त आँखों में नही आते
हो जाता है मुस्किल उसके बिना जी पाना
पर अब सम्भव नही है उसका मेरी जिन्दगी में दोबारा आना

वो सपने सपने ही बनकर रह गये जो कभी उसने दिखाये थे
वो न जाने क्यों मेरे होकर भी मेरे नही बन पाये थे
अब तो अक्सर उसे याद करके रो लेते है
इन आँखों को तो अब वो दीखता नही बस कभी खवाबो में उसे देख लेते है