love shayari har kisi ka pyar

love shayari har kisi ka pyar

love shayari har kisi ka pyar

 

love shayari-हर किसी का प्यार

 

 love shayari har kisi ka pyar
love shayari har kisi ka pyar

har kisi ka pyar

हर किसी का प्यार सच्चा नही होता
प्यार में किसी को आजमाना भी अच्छा नही होता
जो हद से जादा करे प्रवाह तुम्हारी उस पे एतबार कर लो
जिसकी प्यार से बडके बड़ने लगे फरमाइसे उससे बच के निकल लो

सच्ची चाहत हो दिल में जिसके वो प्यार से बडके कोई दूसरी फरमाइस नही करता
जिसका मकसद हो हमारा सिर्फ इस्तेमाल करना अक्सर वही दूसरी फरमाइस है करता
एसे लोगो को प्यार नही हमारा पैसा चाहिए जो हमारा सिर्फ इस्तमाल करते है
जब तक मरजी खेलते है दिल से खूब हमारे फिर एक झटके में दिल पे वार करते है

ये वो खुबसूरत हसिनाये होती है जिनके चेहरे से मासूमियत झलकती है
जिनकी मासूम अदाओ से घायल होकर हम उनपे हद से जादा भरोसा करते है
दिल भर जाने तक खूब खेलते है ये दिल से हमारे
फीर प्यार के बदले देते है धोखा हमारे भरोसे को तार तार करते है