bewafa shayari vo bewafa hai

bewafa shayari vo bewafa hai

bewafa shayari vo bewafa hai

 

bewafa shayari-वो बेवफा 

bewafa shayari vo bewafa hai
bewafa shayari vo bewafa hai
bewafa-shayari vo bewafa hai

वो बेवफा जो कहते थे हम तुमसे ही सच्चा प्यार करते है
तुम्हारे सिवा किसी और पे ना मरते है
ना जाने क्यों एसा काम कर गये
पुरे मुहल्ले में ही हमे बदनाम कर गये

के मरते थे हम जिसकी आशीकी पे
भरोसा करते थे खुद से भी जादा जिसकी दिल्लगी पे
उस बेवफा ने ही दिल हमारा तोड़ दिया
हमे महफिल में रुसवा कर अकेला छोड़ दिया

अब तो किसी से प्यार करने से भी डरते है
अब हम एक बार नही बार बार मरते है
किसी की बेवफाई का जख्म भुला पाना आसान नही होता
लाख कोसिस करने पर भी आसिक चैन से नही सोता