love shayari dil pe dil ka

love shayari dil pe dil ka

love shayari dil pe dil ka

 

love shayari– दिल पे दिल का

love shayari dil pe dil ka
love shayari dil pe dil ka

 

dil pe dil ka

दिल पे दिल का अब जोर नही चलता
जिसे समझा था कभी अपना वो अब नही मिलता
उसके प्यार ने कर दी एसी हालत हमारी
ये दिल का खोटा सिक्का अब कही और नही चलता

अक्सर न जाने क्यों प्यार में हर आशिक की
एसी हालत हो जाती है
प्यार में ठोकर पाकर उसे अदमरा कर देती है
फिर ना कही किसी और से दिल लगा पाते है
न जाने क्यों हम उसके बिना अधूरे से हो जाते है

फिर दिल पे हमारे बस नही चलता
फिर ये दिल कहाँ है सभलता
किसी और पे दिल लगा नही पाते
न जाने क्यों उसके बिना अधूरे ही रह जाते