Sad Shayari zindagi ka kya bharosa

Sad Shayari zindagi ka kya bharosa

Sad Shayari zindagi ka kya bharosa

 

Sad Shayari – जिन्दगी का क्या भरोसा

Sad Shayari zindagi ka kya bharosa
Sad Shayari zindagi ka kya bharosa

 

zindagi ka kya bharosa

जीते जी तो मार गया वो
अब लास पे मेरे फुल चडाने से क्या फायदा
जिन्दा थे तो कद्र मेरे प्यार की ना की उसने
मरने के बाद मय्यत पे मेरे आसु बहाने से क्या फायदा

इस जिन्दगी का क्या भरोसा जिसे हम तडपाते है
किसी के प्यार में पड़ कर इसे हर पल सताते है
बड़ी किस्मत से हम इन्सान का जन्म पाते है
मरने के बाद न जाने कहाँ भटकते रह जाते है

मोल नही रहता जिन्दगी का हमे किसी से प्यार करके
जिन्दगी लगा देते है दाव पे उससे इजहार करके
वो कद्र नही करता हमारी हम जिन्दगी से हार जाते है
न सोचते है अपनो के बारे में खुद को मार जाते है

जिन्दगी बड़ी अनमोल है इसे किसी मतलबी प्यार के लिए बर्बाद न करना
जो करता नही है प्रवाह हमारे प्यार की उसे कभी याद न करना