love shayari rone ka nahi

love shayari rone ka nahi

love shayari rone ka nahi

 

love shayari – रोने का नही

love shayari rone ka nahi
love shayari rone ka nahi

rone ka nahi

वो तडपाती है पर रोने का नही
दूर चली जाये हमसे वो अगर होस खोने का नही
अपनों से बडके नही है दुनियां में कोई
उन्हें छोडके बुलाये वो अगर तो जाने का नही

हर तकलीफ शह लेते है हम पर प्यार का दर्द ही सहा नही जाता
अपनों के बिना भले ही रह लेते है हम पर प्यार के बिना रहा नही जाता
पर वही प्यार खेल के दिल से हमारे छोड़ दे कभी तो
अपने होसो हवास कभी खोने का नही

किस्मत कब क्या खेल खेल दे थोडा शबर कर लेना
किसी के दूर जाने से कभी ये जिन्दगी रूकती नही इसलिए परेसान होने का नही