bewafa shayari vo bevapha hoga hamen kya maaloom tha

bewafa shayari vo bevapha hoga hamen kya maaloom tha

bewafa shayari vo bevapha hoga hamen kya maaloom tha

 

bewafa shayariवो बेवफा होगा हमें क्या मालूम था

bewafa shayari vo bevapha hoga hamen kya maaloom tha
bewafa shayari vo bevapha hoga hamen kya maaloom tha

 

 vo bevapha hoga kya maaloom tha
वो बेवफा होगा हमें क्या मालूम था
दिल से हमारे खेलेगा हमे क्या मालूम था
प्यार उनसे किया हम अपना दिल उस बेवफा पे हार गये 
जिसे सिर्फ अपना समझा वो बेवफा हमे ही मार गये
 बेवफाई करने वाले किसी के दर्द को क्या जाने
 दिल पर बीतने वाले गम को वो क्या पहचाने
किसी की बेवफाई से हर आसिक परेसान रहता है
पर हर किसी से अपना दर्द कहाँ वो कहता है

हाल हो एसा जो सहा ना जाय 
बात जो किसी से कहा ना जाय 
एसी मजबूरी आशिक की जीने नही देती 
आंसू बहते है इतने की पिने नही देती