Dard Bhari Shayari dil me dard hota hai shayari

Dard Bhari Shayari dil me dard hota hai shayari

 

Dard Bhari Shayari-दिल में दर्द

 Dard Bhari Shayari dil me ho rha dard
Dard Bhari Shayari dil me ho rha dard

dil me ho rha dard

दिल में हो रहा दर्द कितना ये तुझे बताऊ कैसे
याद आती है तेरी इतनी इस दिल को समझाऊ कैसे
हम कुछ कर भी नही सकते इतनी दुरी है
तेरे बगैर मर भी नही सकते अपनों की मजबूरी है

किसी से प्यार करके न मिल पाये वो तो फिर जिन्दगी जीना भी कोई जीना नही होता
न पाकर अपना सच्चा प्यार हर आशीक है जिन्दगी भर रोता
फिर भले ही कोई और क्यों न आ जाये जिन्दगी में उसकी कमी पूरी नही होती
न जाने क्यों फिर उसके बिना ये जिन्दगी हमेसा अधूरी ही होती

भले ही कोई किसी से न कहे पर वो अंदर से हमेसा रोता होगा
न मिल सका जो प्यार उसको जिन्दगी भर याद करता होगा
अगर किसी ने की होती बेवफाई सायद ही उसे भूल भी जाते
पर मजबूरी से दूर हो गया जो प्यार वो आसानी से भुलाये नही जाते