hindi shayari khuda ne bande se puchha

hindi shayari khuda ne bande se puchha

hindi shayari khuda ne bande se puchha

 

hindi shayari-खुदा ने बंदे से पुछा

hindi shayari khuda ne bande se puchha
hindi shayari khuda ne bande se puchha

khuda ne bande se puchha

 

खुदा ने बंदे से पुछा के तू इंसान तो बन गया है अब क्या करेगा
खुसी से जियेगा ये जिन्दगी या आपस में लडके मरेगा
तो बंदे ने कहा तुमने जिस राह में लिख्खी होगी तकदीर उस राह पे में जाऊँगा
अच्छे कर्म करूंगा या अपराधी में बन जाऊँगा

तुम हो पालनहार तुम ही खेल रचाते हो
किसी को चोर तो किसी को डाकू बनाते हो
सब ही दुनियाँ में होगे जो अच्छे तो तुम्हारी ये दुनियाँ कहाँ चल पायेगी
बिना बुरे लोगों के भी ये दुनियाँ अधूरी रह जायेगी

तुम हो एक खिलाडी जो हर पल खेल खेलते हो
व्यक्ति को देर से सही उसके कर्मो का फल देते हो
हम है हाथ के कटपुतली तुम्हारे जैसा नचाओ नाचेंगे
कर्म हमारे अच्छे होगे तो जियेंगे वरना मर जायेंगे