love shayari bahut khubasurat tha

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love shayari bahut khubasurat tha

 

love shayari-बहुत खुबसुरत था

 

love shayari bahut khubasurat tha
love shayari bahut khubasurat tha

 

 

bahut khubasurat tha

वो खुबसुरत ना सही पर बहुत खुबसुरत था
दिल जिस पे था आया हमारा वो दिल बहुत खुबसुरत था
फिर उसके जैसा हमे कोई भाया नही
समा गया था इस तरह दिल में वो फिर दूसरा कोई समाया नही

चेहरे पे उसकी न जाने क्या कसिस थी
मुस्कान पे उसके हर किसी की नजर थी
डरता था उसपे न लग जाये नजर जमाने की
आदत थी उसकी खुली न थी छुपाने की

उसकी भीनी सी वो खुसबू याद आती है
साथ उसका हमे अब भी बहुत सताती है
सभाला था उसे हमने अपनी जान उस पर कुर्बान कर गये
न जाने कब किस्मत ने उसे हमसे छीन लिया वो किसी और के हो गये