Love Shayari dil ke taar ko chhed gaya koee

Love Shayari dil ke taar ko chhed gaya koee

Love Shayari dil ke taar ko chhed gaya koee

 

Love Shayari-दिल के तार को छेड़ गया कोई 

Love Shayari dil ke taar ko chhed gaya koee
Love Shayari dil ke taar ko chhed gaya koee

Love Shayari dil ke taar
 दिल के तार को छेड़ गया कोई      
अपना बनाके बिच राह में छोड़ गया कोई
वादा किया था उसने की तुम्हे ही अपना बनाऊँगी  
तुम्हारे सिवा किसी और को न चाहूंगी
और कभी  ना पा सकी तो कसम से में मर जाउंगी
दोस्तों प्यार हर किसी का सच्चा नही होता
बाते तो सच्ची लगती है पर वादा सच्चा नही होता
हम न जाने उनके झूठे प्यार के लिए क्या क्या कर जाते
दिन दुनिया को छोड़ उसकी एक झलक पाने को न जाने क्यों मर जाते है 
 ना अपनों की प्रवाह न दोस्तों का ख्याल रहता है
वो मेरी कब बनेगी किस्मत से यही सवाल रहता है
अपनी नीद अपना चैन खोकर उसे दिन रात याद करते है
dil ke taar ko chheda Love Shayari
आगे की ना सोचके न जाने अपने कितने दिन बर्बाद करते है
 एसे इंसान से प्यार कर लेते है जो हमारी जिन्दगी हमारी भावनाओ से खेलते है
जब हमारा सब कुछ लुट जाता है  तो कहते है की तुम्हे हम न जाने क्यो झेलते है
कसमे वादे न जाने क्या क्या करके हमारा दिल तोड़ जाते है

किसी और को पाके हमे हमेसा  हमेसा के लिए छोड़ जाते है

 इन लोगो से हमेसा बचके रहना जिन्दगी में कुछ करके दिखाना
.अगर सभल गये तो ठीक वरना पढ़ेगा जिन्दगी भर पछताना