Love Shayari na kabhee unase pyaar hota

na kabhee unase pyaar hota

 

 ना कभी उनसे नजरे मिलती ना कभी उनसे प्यार होता
थोड़े पल के लिए ही कास उनका दीदार होता
एक बार उनसे मिलना फिर बिछड़ जाना होता तो अच्छा होता
पर ना जाने क्यों वो मिली उनसे प्यार हो गया

अब हद से ज्यादा उनकी चाहत के लिए दिल बेकरार हो गया
उनको देखे बिना दिल कही अब लगता नही
हर पल लगता है के कास वो दिख जाये कही ना कही
उनको हर पल देखने के लिए आँखे बेकरार रहती है

कब उनका दीदार होगा दिल से धडकन ये कहती है
दोस्तों प्यार का रोग ही बड़ा खराब होता है
इस रोग में आसिक ना चैन से जागता ना सोता है
 हर पल उसी के ख्यालो में ये दिल रहता है

हम तो चाहते है उसे दिलोजान से न जाने क्यों वो धोखा दे जाते  है
बड़ी बड़ी कसमे बड़े बड़े वादे करके हमे सपने दिखा जाते है
और जब दिल भर जाये हमे छोड़ किसी दुसरे के साथ चले जाते है ..
न जाने दुनिया में क्यों एसे लोग होते है

प्यार करते है किसी से और किसी दुसरे को अपना बना लेते है
न जाने क्यों उनको किसी के दिल के साथ खेलने में क्या मजा आता है
इन लोगो के चक्कर में पढ कर हमारा सब कुछ लुट जाता है
फिर कोसते है किस्मत को के वो कास उस पल हमे ना मिलते
आज हमारी जिन्दगी सायद कुछ और होती हमारे गुलसन में भी फुल खिलते