Love Shayari pahale ka pyaar kaisa tha

Love Shayari pahale ka pyaar kaisa tha

 

  Love Shayari -पहले का प्यार कैसा था 

Love Shayari pahale ka pyaar kaisa tha
Love Shayari pahale ka pyaar kaisa tha

 

pahale ka pyaar kaisa tha

पहले का प्यार कैसा था 
आखों आखों में इजहार होता था
 वो पहली बार किसी से नजर का मिलना
 दिल ही दिल में उसके लिए खवाबो का खिलना 

 प्यार का इजहार करने में कई दिन हप्ते महीने या साल तक लग जाया करते थे
दिल की बात फिर भी जुबा पर नही लाया करते थे
दिल में डर रहता था एसा
 प्यार का इजहार करने पे उसका ब्यवहार होगा कैसा
 
  दिल ही दिल में उसपे मरते थे
 पर इजहार करने  से न जाने क्यू डरते थे
बढ़ी मुस्किल से तो इजहार होता था   
दोने के बिच फिर प्यार होता था     
 
 न जाने कितने आसिक तो सालो तक एक  तरफा प्यार करते थे
 उसकी सेटिंग दूसरी जगह हो जाती थी तभी वो इजहार करते थे 

प्यार करने का अंदाज-

 लेटर का जवाब  या न मिलने पर पागल हो जाया करते थे
 कई तो मजनू बन जाया करते थे
 कोई हाथ में  और कोई दिल में काट या जला कर अपने प्यार का नाम लिखा करते थे
इस तरह आसिक अपने प्यार को बयाँ करते थे

  न जाने कितने सालो तक इनका प्यार चलता था
 लेटरो लेटरो में  न जाने कब तक इजहार चलता था
बहुत कम  मिल पाते थे
खुसी के पल साथ में  बिताते थे

  किस्मत वालो को अपना प्यार मिलता था
 सादी के बंधन में बंधने का स्वभाग्य मिलता था 

अभी  का प्यार –

 आज का प्यार कैसा है एक भुखार जैसा है
 जो बच्चो बूडो  में अंतर नही समजता            
न जाने उनकी किस अदा पे है मरता                       
 बच्चे जवान होने से पहले ही चच्कर में पड़ रहे है

अपने माँ बाप का नाम खूब रोसन कर रहे है
whatsapp और facebook पे चेटिंग  हो रही है
दो चार दिन में ही चुम्मा चाटी और सेटिंग हो रही है
प्यार को बदनाम कर डाला है

गुप्त में करने वाली चीज को खुलेआम कर डाला है
समय से पहले ही जवान हो गये है
खेलने कूदने के उम्र में ही बदनाम हो गये है
दो चार दिन की बात और फिर मिल रहे है

भाग कर सादी करना अब फैसन की तरह इस्तेमाल कर रहे है
न जाने आगे का समय क्या रंग लायेगा
प्यार को प्यार नही बल्कि हवस का नाम दे दिया जाएगा ……