Sad Shayari wo khidki jo band rahti hai

Sad Shayari wo khidki jo band rahti hai

Sad Shayari-वो खिड़की जो बंद रहती है

 Sad Shayari wo khidki jo band rahti hai
Sad Shayari wo khidki jo band rahti hai

wo khidki jo band rahti hai

वो खिड़की अब अक्सर बंद रहती है जहाँ से वो झाका करते थे
मेरे वहां से गुजरने पर वो अक्सर चुपके से उस खिड़की से देखा करते थे
पर अब तो सुनी हो गयी वो खिड़की भी उसका चेहरा नजर नही आता
वो खिड़की भी आती थी हमे पसंद जिस चेहरे को वो था छुपता

पर अब वो बंद खिड़की हमे बार बार सता रही है
बंद रहके उसके न होने का अहसास हमे बार बार दिला रही है
हम तसल्ली देते है दिल को अपना उसके न होने से वहां
पर वो खिड़की बंद रहकर हमे हर पल उसकी याद दिला रही है

हमें मिलती है जब किसी से डेर सारी खुशियाँ हम खुस हो जाते है
फिर दीखता नही वो उस जगह हम मायूस हो जाते है
सभाल नही पाते फिर दिल को ये दिल रो पड़ता है
जो कभी था अपना उसके यादों में खो पड़ता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *